मप्र के साढ़े छह लाख अधिकारियों व कर्मचारियों को कोविड के हालात सामान्य होने के बाद इंक्रीमेंट मिलेगा। राज्य सरकार ने इसे देने पर सहमति दे दी है, लेकिन बाद में जब भी लागू होगा, एक अगस्त 2020 से ही प्रभावी माना जाएगा। मप्र कैडर के आईएएस अधिकारियों का इंक्रीमेंट भी अब रुक गया है। वित्त विभाग के सर्कुलर के आने के बाद इस बारे में निर्णय लिया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग (कार्मिक) ने प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के 15 अफसरों के इंक्रीमेंट के प्रपोजल आगे बढ़ा दिए थे, वे भी रुक गए हैं।
बताया जा रहा है कि छठवें पे-कमीशन के समय यह फ्लैट 3% था, 7वें पे-कमीशन के बाद भी लगभग यह इंक्रीमेंट 3% तक ही पहुंचता है। इससे सरकार पर करीब 600 करोड़ का भार आता है। रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हर कर्मचारी को नियत समय से ही सालाना इंक्रीमेंट का लाभ दिया जाएगा। इस समय कोविड संकट है। इंक्रीमेंट का वास्तविक लाभ स्थितियां सामान्य होने पर ही मिल सकेगा। उन्होंने सभी से सहयोग भी मांगा।
मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप, फेल को दोबारा मौका
सीएम ने घोषणा की है कि मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की योजना फिर शुरू की जा रही है। इसमें 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए 25 हजार रु. व प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। इसके अलावा ‘रुक जाना नहीं’ योजना में 10वीं-12वीं में फेल विद्यार्थियों को फिर से परीक्षा देने का मौका मिलेगा। विद्यार्थी 10वीं के लिए 28 जुलाई और 12वीं के लिए 5 अगस्त तक रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने 2018 में योजना के तहत 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है, परंतु 12वीं में शामिल नहीं हो सके, वे भी योजना का लाभ उठाकर अगस्त में होने वाली परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।
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