Monday, September 21, 2020

गांव में शराब पीने पर लगता है 10 हजार रुपए का जुर्माना

जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर स्थित शहपुरा जनपद की देवरी नवीन पंचायत नशा मुक्ति के लिए मिसाल बन गई है। वह एक बुरा समय था जब यहां के लोग शराब पीते थे। नशे में आए दिन झगड़े होते थे। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। यह सब इस गांव की महिलाओं और पंचायत की समन्वित पहल से संभव हुआ है। पंचायत ने यहां शराब पीने वालों पर दस हजार रुपए का जुर्माना निर्धारित किया और महिलाओं ने इसका आगे आकर समर्थन किया। नतीजा यह सामने आया कि अब गांव के लोग नशे की सामग्री में हाथ लगाने से भी कतराते हैं। पूरा गांव नशे से मुक्त है और यहां सुकून की खुशियां हिलोरें भर रही हैं। यह गांव अब अन्य गांवों के लिए नजीर बन गया है।

तिलवारा घाट से चरगवां जाने वाले मार्ग पर बिजौरी से करीब 20 किलोमीटर दूर बसे तकरीबन 2000 की आबादी वाले ग्राम देवरी नवीन में अधिकांश लोग आदिवासी समुदाय के हैं। सरपंच राजकुमार सैयाम ने बताया कि दस साल पहले तक गांव की स्थिति विषम थी। शुरू ही यहां के अधिकांश लोग शराब पीते थे, जिससे आए दिन झगड़े होते रहते थे। इससे निजात दिलाने के लिए ग्रामीणों व महिलाओं की पहल पर जुर्माने की शुरूआत की गई। ग्रामीणों की बैठक में शराब पीने पर 10 हजार रुपए व गाली-गलौज करने पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाना तय किया। यह व्यवस्था लागू होने के बाद कुछ मामले सामने आए, लेकिन उनको बख्शा नहीं गया। बिना भेदभाव के सभी पर जुर्माना लगाया गया गया। अब हालात ये हैं कि पिछले पांच वर्षों से किसी भी व्यक्ति पर जुर्माना लगाने की नौबत ही नहीं आई। ग्रामीणों की इस पहल की खुद कलेक्टर भी तारीफ कर चुके हैं।

महिलाओं के संकल्प से मिली जीत

गांव के सरपंच रामकुमार सैय्याम बताते हैं कि ग्राम पंचायत देवरी नवीन के साथ तिन्हेटा और बाड़ीबारा गांव में शराब पीने वाले व्यक्ति पर जुर्माना लगाने का नियम है। महिलाएं खुद आगे आकर शराब पीने वाले का नाम बताती हैं। महिलाओं के संकल्प से ही गांव नशा मुक्त हो सका। अब देवरी नवीन की इस पहल के बाद चिरापोड़ी और पटी चरगवां गांव में भी शाराब बंदी लागू की गई है।

ऐसे मिली शराब बंदी की प्रेरणा

देवरी नवीन गांव के सरपंच रामकुमार सैयाम ने बताया कि उनके गांव से पढ़ लिखकर कोई बड़ा अफसर नहीं बन पाया था, लेकिन उनके माता पिता ने उन्हें अच्छी शिक्षा दी। जब वे शिक्षा पूर्ण कर गांव लौटे तो देखा कि गांव के युवा, बजुर्ग नशे के आदी थे। इससे आए दिन झगड़े होते रहते थे। यह स्थिति देखक उन्होंने गांव में शराब बंदी का प्रण लिया। इसके लिए उन्होंने पूरे गांव के लोगों से बात की। बाद में आम सहमति से शराब पीने पर जुर्माना लगाने की बात तय हुई।

ऐसे होता है निर्णय

शराब बंदी के लिए ग्राम पंचायत में एक समिति का गठन किया गया है। शिकायत आने के बाद यह समिति जांच कर निर्णय लेती है। यह निर्णय ग्राम पंचायत में प्रस्तुत किया जाता है। इसके बाद शराब पीने वालों और बेचने वालों पर जुर्माने क कार्रवाई की जाती है। लेकिन पिछले पांच वर्षों के दौरान किसी भी व्यक्ति पर जुर्माना नहीं लगाया गया है। आसपास के गांवों के लोग भी अब देवरी नवीन पंचायत के वाशिंदों की तारीफ करते नहीं थकते। समीपी ग्राम चिरापोंडी व पटी चरगवां समेत कुछ गांवों ने शराब पीने पर जुर्माने की इस अनूठी व्यवस्था को आत्सात करने का प्रयास भी किया है।



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