नर्मदा, तवा नदी सहित जिले में अन्य छाेटी नदियाें में आई बाढ़ में 493 हैंडपंप डूब गए थे। इन हैंडपंप से पानी बेस्वाद आ रहा था। हैंडपंप के पानी का स्वाद ठीक नहीं हाेने के कारण बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। लाेगों काे स्वच्छ पीने का पानी उपलब्ध हाे इसके लिए लाेक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग (पीएचई) की टीमाें ने जिले में डूब प्रभावित क्षेत्राें के हैंडपंप में क्लाेरीन की दवा डालना शुरू कर दिया है।
पीएचई के ईई संजीव गुप्ता ने बताया कि जिले के 129 गांवाें में 493 हैंडपंप बाढ़ के पानी में डूब गए थे। जिले में अन्य हैंड पंपाें में भी क्लाेरीकेशन का कार्य किया जा रहा है। जिले में 838 कुल हैंडपंप हैं जिनमें दवाई निरंतर डाली जा रही है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2Z2sNt4
No comments:
Post a Comment