जल आवर्धन योजना के जरिए नगर के लोगों को पानी सप्लाई किया जा रहा है लेकिन कुछ दिनों से नलों से गंदा पानी आ रहा है जिसकी शिकायत भी नगर के लोग नगर परिषद में कर चुके हैं, इसके बावजूद नपा के अफसरों ने गंदे पानी की सप्लाई पर रोक नहीं लगाई न ही इसमें सुधार किया है।
जानकारी के मुताबिक पानी सप्लाई करने वाले पाइप नालियों से होकर गुजरे हैं।
जिनमें कहीं लीकेज हो जाने के कारण घरों तक पहुंचने वाले पानी लाल और मटमैला आ रहा है। इसके चलते इस पानी के उपयोग करने से लोगो के बीमारियां होने की आशंका बनी हुई हैं, दूषित पेयजल के उपयोग करने से लोगों को सर्दी जुखाम, खांसी आदि की शिकायतें होने लगी हैं, जिसके चलते लोग एक दूसरें को कोरोना के शक के नजरिए से देखने लगे हैं।
डर के चलते लोग जांच करवाने भी नहीं जा रहे हैं और स्थानीय मेडिकल स्टोरों से ही दवा खरीदकर या देशी उपाय कर रहे हैं। वहीं पिछले दिनों नगर परिषद की कार्यकारिणी भंग होने के बाद वार्डवासी भी कहीं शिकायत नहीं कर पा रहे हैं वहीं नगर परिषद के अफसर सुनवाई नहीं कर रहे हैं। यही वजह है कि पिछले 4 दिनों से नगर के अधिकांश हिस्सों में नगर परिषद प्रदूषित पानी सप्लाई कर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे में यदि लोग बीमार होते हैं तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। प्रदूषित पानी के उपयोग करने से पीलिया, डायरिया, हैजा जैसे घातक रोग फैलने की आशंका बनी हुई है।
कारण : पानी की नहीं होती नियमित रूप से जांच
दरअसल जिन पेयजल स्त्रोतों और जल आवर्धन योजना के प्लांट पर पानी की भी नियमित रुप से जांच नहीं की जा रही है और प्रदूषित पानी को ही वितरित किया जा रहा है। पानी को साफ करने वाले कीटनाशक क्लोरीन और लाल दवाई नहीं डाली जा रही है और न ही नगर में क्लोरीन की गोलियों का वितरण किया गया। नाम न छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया जितनी मात्रा में क्लोरिन डालने के आदेश अफसरों ने दिए उसी मात्रा में मिलाया जाता है लेकिन यह नाकाफी है।
पानी की मात्रा के हिसाब से क्लोरिन और चूना सहित लाल दवाई कम मात्रा मिलाना उनकी भी मजबूरी है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए पानी में सुधार किया जाना जरुरी है लेकिन अफसर जानकर भी अनदेखी कर रहे है। वार्ड नंबर- 9 के रहवासी अनिल तिवारी ने बताया कि जल आवर्धन योजना के अंतर्गत टंकी बनाई है लेकिन टंकी की न तो सफाई की जाती है न ही उसमें क्लोरिन मिलाई जा रही है जिसके चलते संक्रमण बीमारियों का फैलने का अंदेशा बना हुआ है।
गंदे पानी से बढ़ रहे मरीज
बारिश के मौसम में गंदा, पीला पानी पीने से पेट दर्द सर्दी जुकाम वायरल जैसी बीमारियां फैलने की आशंका रहती है गंदा पानी पीने से बहुत नुकसान होते हैं। ऐसी स्थिति में पानी उबालकर पीना चाहिए। इन दिनों स्वास्थ्य केंद्र में इस तरह के मरीज आने लगे हैं।
डॉ. वसीम राजा बक्शी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
जल्द करवाएंगे सुधार
हमें जानकारी लगी है कि नलों में दूषित पानी आ रहा है। पानी सप्लाई की पाइप लाइन चेक करने के निर्देश दिए हैं। संभवतः कहीं पाइप लाइन लीक हो गई जिसके कारण गंदा पानी नलों में आ रहा है। जल्द सुधार करवाएंगे।
हरि शंकर वर्मा, मुख्य नपा अधिकारी
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2DveINg
No comments:
Post a Comment