कृषक सेवा सहकारी समिति गाड़ाघाट में हुए यूरिया घोटाले को लेकर एफआईआर दर्ज हो जाने के बाद भी न तो गाड़ाघाट सोसाइटी के प्रबंधक पर कोई कार्रवाई की गई है। इस मामले में जिलास्तरीय अधिकारी भी संदेह के घेरे में आ गए हैं। पुलिस इनके भी बयान दर्ज करेगी।
जिला विपणन संघ अधिकारी प्रदीप गरेवाल 20 दिन पहले कही गई बात से पलटते दिख रहे हैं। गरेवाल ने पहले कहा था कि विपणन संघ की आईडी और पासवर्ड हैक हो जाने के कारण यह हुआ ह, लेकिन अब उन्हाेंने कहा यह तकनीकी खामी के कारण हुआ है।
इसमें कोई अपराध नहीं बनता है। यह बात एक-दो दिन बाद और स्पष्ट भी हो जाएगी। यूरिया घोटाले की शिकायत 3 सितंबर को जिला सहकारी बैंक की पिपरिया शाखा के प्रबंधक प्रमोद पुरोहित ने की थी। पुलिस ने गाड़ाघाट सोसाइटी के प्रबंधक नारायण सिंह और विपणन संघ की पिपरिया शाखा के प्रभारी संजीत बर्मन को आरोपी बनाया है। एक हम्माल को नियम के खिलाफ 9.8 टन यूरिया बेचने की बात सामने आई थी।
सहकारिता उपायुक्त बीएस परते ने बताया कि हमारे विभाग के जिस अधिकारी के द्वारा अनियमितता किए जाने पर सोसाइटी के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, वे अधिकारी फिलहाल अवकाश पर हैं। उनके वापस आने पर मामले में दोषी स्टाफ पर कार्रवाई की जाएगी। जल्दी ही गाढ़ाघाट सोसाइटी के दोषी स्टाफ पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
विपणन अधिकारी के कल हो सकते हैं बयान
टीआई का कहना है कि अभी तक 10 लोगों के बयान लिए जा चुके हैं। इस मामले में विपणन संघ की तकनीकी शाखा से जानकारी मांगी गई है। यही नहीं जिला विपणन अधिकारी को भी बयान देने के लिए खबर भेजी जा चुकी है। उम्मीद है कि सोमवार को आकर बयान देंगे। टीआई के अनुसार इस मामले में आरोपी नारायण पटेल और संजीत बर्मन के बयान हो चुके हैं।
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