49 वार्ड में पार्षद बनने के लिए 348 से ज्यादा दावेदार खम ठोंक रहे हैं। इनमें अकेले 223 भाजपा, तो करीब 125 कांग्रेस के हैं। नाम सामने आने के बाद पार्टियों ने अपने स्तर पर इन दावेदारों की जमीन हकीकत टटोलना शुरू कर दी है। टिकट देने की गाइड लाइन दोनों ही राजनीतिक दलों ने अब तक तय नहीं की है।
बुधवार को औपचारिकता के लिए निर्वाचन विभाग ने मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया है। इसमें मतदाताओं की संख्या 2.10 लाख के आसपास है। फाइनल आंकड़े गुरुवार को ही पता चलेंगे। बताया जा रहा है कि संशोधनों के चक्कर में सूची तैयारी करने में ज्यादा वक्त लग गया। जिससे निर्वाचन विभाग अब तक फाइनल आंकड़े नहीं निकाल पाया है। सूची देखने पहुंचे राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी खाली हाथ लौटना पड़ा।
26 सितंबर को प्रारंभिक प्रकाशित मतदाता सूची में करीब 2.20 लाख मतदाता थे, जबकि विधानसभा चुनाव में 2.06 लाख मतदाता थे। इस अंतर के साथ वार्ड की सीमाओं के विपरीत नाम इधर-उधर जोड़ने, बूथ बदले सहित लगभग 82 से ज्यादा आपत्तियां मिली थी। इनके अनुसार संशोधन करने के बाद बुधवार को मतदाता सूची अंतिम प्रकाशन हुआ। दिसंबर-जनवरी में संभावित नगरीय निकाय इसी मतदाता सूची के आधार पर होंगे।
भाजपा
नए कार्यकर्ता को मिलेगा मौका
भाजपा की तरफ से कई नई चेहरे देखने को मिल सकते हैं। वरिष्ठों ने पर्दे के पीछे कार्यकर्ताओं को टिकट देने का मन बनाया है। पार्टी की अधिकृत गाइड लाइन नहीं आई है, लेकिन बताया जा रहा है कि नेताओं ने काफी कुछ तैयारी कर ली है। इसके मुताबिक इस बार दो या तीन बार के पार्षदों का टिकट काटकर पार्टी नई कार्यकर्ताओं पर दांव खेलेंगी।
अब तक निगम में स्थिति
{2014 के चुनाव में 49 में से 30 वार्ड में पार्टी ने कब्जा जमाया था। इससे संख्या 33 हो गई थी।
{पांचों परिषदों में भाजपा का बहुमत रहा। तीन बार महापौर पद भी भाजपा के पाले में रहा। इस बार भी स्थिति मजबूत क्योंकि लगातार दो बार विधायक चेतन्य काश्यप की पकड़ काफी मजबूत है।
^बहुत सारे कार्यकर्ताओं ने दावेदारी जताई है। पार्टी गाइड लाइन के अनुसार टिकट दिए जाएंगे। मतदाता सूची जारी हो गई है, फाइनल आंकड़े गुरुवार को ही पता चलेंगे। दिनेश शर्मा, भाजपा निकाय चुनाव जिला प्रभारी
कांग्रेस
सर्वे होकर नामों की पैनल तैयार
परिषद में पार्षदों की संख्या बढ़ाने के लिए कांग्रेस भी दम भर रही है। जिलाध्यक्ष महेंद्र कटारिया ने सभी 49 वार्डों में समन्वयक नियुक्त कर सर्वे करा लिया है। पैनल जिलाध्यक्ष के पास पहुंच गई है। अब इनकी आगे-पीछे की कुंडली निकाली जा रही है। बताया जा रहा है कि लगभग 17 वार्ड के उम्मीदवारों के नाम फाइनल हो चुके हैं।
अब तक निगम में स्थिति
{2014 के चुनाव में कांग्रेस के सिर्फ 13 पार्षद जीते थे। इसके अलावा 3 निर्दलीयों ने भी कांग्रेस को समर्थन दे दिया है। इससे संख्या 16 हो गई थी।
{पांच में से सिर्फ दो बार पहले और तीसरे चुनाव में कांग्रेस पार्षदों की संख्या भाजपा से अधिक रही है। 1994-95 में महापौर भी कांग्रेस का बना।
^वार्ड में समन्वयकों की नियुक्त कराकर सर्वे करा लिया है। नामों की पैनल आ गई है। मजबूत उम्मीदवार को ही टिकट देंगे। चुनाव की तारीख तय होते ही सारे वार्डों से नामों की घोषणा कर देंगे। महेंद्र कटारिया, जिलाध्यक्ष-कांग्रेस
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