ग्वालियर का रहने वाला युवक प्रमोद(18) भितरवार के अमरोल गांव से गुजरी नहर में बह गया। वह नहर के किनारे खड़ा होकर मोबाइल से सेल्फी ले रहा था, तभी अचानक पैर फिसला और वह पानी के तेज बहाव में बह गया।
जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय उसकी मां और बहन भी कुछ दूरी पर खड़ी थीं। भाई को पानी में बहता देख उसकी दोनों बहनों ने भी पानी में छलांग लगा दी, लेकिन तैरना नहीं जानती थी तो वह भी डूबने लगीं। गांव के लोगों ने किसी तरह इन्हें तो बचा लिया, लेकिन युवक का देर रात तक कुछ पता नहीं लगा।
रात तक एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, अब गुरुवार सुबह फिर गोताखोर पानी में उतरेंगे। युवक माता-पिता का इकलौता बेटा था। चीनौर थाना प्रभारी अभिषेक सिंह सेंगर ने बताया कि उपनगर ग्वालियर स्थित सेवा नगर निवासी विनोद उमरैया की पत्नी ऊषा देवी अपने बेटे प्रमोद और बेटियों सपना(24), प्रियंका(19) के साथ बुधवार को पूजा करने ऑटो से अमरोल के सिद्ध बाबा मंदिर में गई थीं।
दोपहर करीब 1 बजे पूजा करने के बाद घर लौट रहे थे। रास्ते में हरसी हाईलेवल नहर में तेज बहाव से पानी बह रहा था, प्रमोद ने ऑटो रुकवाई। वह हाथ धोने की कहकर गया। नहर के किनारे पर खड़ा होकर उसने हाथ धोए और इसके बाद यहीं मोबाइल से सेल्फी लेने लगा। सेल्फी लेने के दौरान ही उसका पैर फिसल गया।
प्रमोद को बहता देखा तो उसकी दोनों बहनें और ऑटो चालक पप्पू धाकड़ नहर की तरफ दौड़े। इन लोगों ने नहर में छलांग लगा दी। इन लोगों को तैरना नहीं आता था तो बहने लगे, इसके बाद ऊषा भी पानी में कूद गईं। चारों को डूबता देख गांव के लोग पानी में उतरे और इन्हें बाहर निकाला।
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