32वीं बटालियन में घर की छत पर प्रधान आरक्षक बलवीरसिंह की लाश मिली थी। यह सामान्य मौत नहीं थी, बल्कि उनकी हत्या की गई। पत्नी ने ही सोची समझी साजिश के तहत सीआरपीएफ में पदस्थ प्रेमी के साथ मिलकर गला दबाकर पति को मार दिया। हत्या से कुछ महीने पहले पति का 40 लाख का बीमा कराया था, ताकि उसका क्लेम लेने के बाद प्रेमी के साथ नई जिदंगी की शुरुआत कर सके लेकिन पुलिस ने उसके इस मंसूबे पर पानी फेर दिया। पुलिस ने 24 घंटे में अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए महिला को गिरफ्तार कर लिया। बलवीर की हत्या के बाद फरार हुए सीआरपीएफ जवान रवि को शनिवार रात गिरफ्तार कर लिया। एसपी मनोज सिंह ने बताया शहडोल पुलिस की मदद से आरोपी पकड़ में आ गया, जिसे टीम रविवार को लेकर उज्जैन आ जाएगी। इस खुलासे के लिए आईजी राकेश गुप्ता की तरफसे टीम को 25 हजार रुपए इनाम की घोषणा की गई।
किस तरह पति को मौत के घाट उतारा..पढ़िए पत्नी का कबूलनामा
मैं रेखा, कानपुर उत्तरप्रदेश की हूं। 2003 में बलवीरसिंह से शादी हुई थी। तीन बच्चे हैं। पिछले साल मामा फौजी उर्फ रामलाल शहडोल, मिलने आए थे। उनके साथ मामा का परिचित सीआरपीएफ उमरिया में पदस्थ रवि भी आया था। उसने मेरा मोबाइल नंबर ले लिया। फिर मैसेज व वाट्सएप से दोस्ती हो गई। जनवरी 2020 में पति ने मारपीट की तो मैं इंदौर चली गई। यहां रवि आ गया फिर हम 25 दिन साथ रहे। रवि ने कहा मैं पत्नी को छोड़ चुका हूं और हम साथ रह सकते है। मैंने कहा पति मुझे मार देंगे, रवि ने कहा हम उसे मार दें तो, मैंने कहा यह कैसे होगा। रवि ने कहा वह सब मुझ पर छोड़ दो। मैंने पति का मार्च में 40 लाख का बीमा कराया ताकि क्लेम राशि मिलने के बाद रवि व मैं 20-20 लाख रुपए बांट ले। 17 जून को रवि छुट्टी लेकर उज्जैन आ गया। मैंने कहा पति ड्यूटी के चलते विक्रमादित्य भवन में रह रहे है, घर नहीं आ सकते। रवि ने कहा पेट दर्द के बहाने उसे बुलवाओ। 18 जून को बलवीर पत्नी के लिए दवाई लेकर घर पहुंचा। यहां उसने शराब पी फिर खाना खाने के बाद टीवी देखी। इस बीच रवि अलमारी के पीछे छिपा रहा। सुबह चार बजे मैंने सो रहे पति के हाथ पकड़े व पैरों पर बैठ गई। रवि ने तकिए से मुंह दबाते हुए गर्दन पर मुक्का मारा। तड़पने के दौरान पति ने मेरे हाथ का अंगूठा दांत से चबा लिया तो रवि ने एक और मुक्का मारा। जब सांस रुक गई तो हम लाश काे छत पर ले गए और चादर ओढ़ा दी। इसके बाद रवि बाहर से दरवाजा बंद कर निकल गया। मैंने सुबह सात बजे पड़ोसी को आवाज लगाई तो उसने दरवाजा खोला। छत पर पहुंचने के बाद मैंने शोर मचाया तो लोग आ गए व पुलिस को सूचना दी। मुझे लगा सब समझेंगे कि शराब के नशे में हार्टअटैक से मौत हुई। कुछ दिन बाद क्लेम मिलते ही बलवीर का मकान बेचने के बाद मैं बच्चों को लेकर रवि के साथ शादी कर रहने चली जाऊंगी, यही साजिश रची थी।
जैसा बलवीर की पत्नी रेखा ने 14 घंटे चली पूछताछ में एएसपी सिंह व डीएसपी नीलम बघेल को बताया।
महिला और बच्चों के बयान में अलग-अलग बात से शंका हुई
एएसपी अमरेंद्रसिंह ने बताया मृतक की पत्नी का कहना था पति रात में उठकर छत पर सोने चले गए थे व बाहर से दरवाजा लगा था, जबकि बच्चों ने बताया पापा रात में ही 11 बजे तक टीवी देखने के बाद घर में ही सो गए थे। इन्हीं विरोधाभाषी बयान से संदेह हुआ। फिर सुबह 6 बजे जब बलवीर की पत्नी ने प्रेमी के साथ हत्या करना स्वीकार किया तब सफलता मिली।
अंगूठे में चोट व मोबाइल में बीमेकी डिटेल से शक यकीन में बदला
अस्पताल में मृतक की पत्नी बार-बार एक हाथ को दुपट्टे में छिपा रही थी। यह काफी देर नोटिस किया। महिला पुलिसकर्मी को भेजकर उसके हाथ चैक कराए। अंगूठे में चोट थी, महिला ने सफाई दी मसाला पीसते समय सील बट्टा गिर गया था, जबकि सच यह था कि हत्या के दौरान प्रधान आरक्षक ने महिला के हाथ का अंगूठा दांत से काट लिया था।
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