Tuesday, July 21, 2020

दो सिस्टम रहे कमजाेर, अगले 39 दिन में 6 सिस्टम से उम्मीद, 12.51 इंच बारिश, पिछले साल से 5.54 इंच कम

इस साल मानसून ने मायूस किया है। 15 जून से तेज बारिश भी नहीं हो सकी है। मानसूनी सीजन का अब तक 46.75% समय गुजर चुका है। 23 जुलाई से अगस्त अंत तक 6 सिस्टम आने की उम्मीद है। इनसे भरपाई की उम्मीद रहेगी।
जिले में इस साल मानसून की बेरुखी ऐसी है कि एकसाथ तेज बारिश भी नहीं हुई है। जिले में कुल औसत 12.51 इंच बारिश दर्ज की गई है, पिपलौदा व बाजना ब्लाॅक ऐसे भी हैं, जहां औसत बारिश से 20% कम बारिश दर्ज की गई है। इस बार जुलाई में दो सिस्टम आ चुके हैं, कमजोर होने के कारण बारिश नहीं हो सकी। 15 जून से 30 अगस्त (77 दिन) बारिश के लिए अहम होते हैं, अभी इनमें से 36 दिन यानी 46.75% समय गुजर चुका है।
पिछले साल 15 अगस्त से पहले 90 फीसदी कोटा पूरा हो गया था : जिले में 12.51 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य बारिश 36.15 इंच है। सामान्य बारिश के मुकाबले बारिश 34.61% ही है। आगामी सिस्टम से आस है। इधर, पिछले साल 15 अगस्त से पहले बारिश का 90% (32.16 इंच) कोटा पूरा हो गया था। 2015 में जुलाई में रिकॉर्ड 38 इंच बारिश हो गई थी। वर्षाकाल का कोटा पूरा हो गया था।

जानिए, ऐसा क्यों हुआ
1. सिस्टम : जिले में दो सिस्टम आए, सही दिशा में नहीं होने से बारिश नहीं हो सकी। लोकल सपोर्ट नहीं मिला। पिछले साल दक्षिणी-पश्चिमी क्षेत्र के सिस्टम के जोन में रतलाम था।
2. ट्रफ लाइन : इस बार अब तक ट्रफ लाइन का सपोर्ट नहीं मिल सका है। मजबूत ट्रफ लाइन रतलाम से नहीं गुजरी है।
3. लोकल : रतलाम में नमी के कारण बारिश हुई है। ज्यादातर शाम के वक्त। लोकल सिस्टम का सपोर्ट जरूरी है। पिछले साल गुजरात के चक्रवात का असर था।
अब 23 जुलाई को बनेगा नया सिस्टम
मौसम वैज्ञानिक डीपी दुबे ने बताया फिलहाल मजबूत सिस्टम नहीं है। 23 जुलाई को सिस्टम बनेगा। 24-25 जुलाई को बारिश के आसार हैं। सिस्टम सही ट्रैक पर रहता है, लोकल सिस्टम भी सपोर्ट करता है तो अच्छी बारिश की उम्मीद कर सकते हैं।



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