Wednesday, September 16, 2020

पानी की 9 टंकियों की छह माह से नहीं हुई सफाई, गंदगी और काई जमा होने की आशंका

शहर की पानी टंकियों को साफ करने का काम छह माह से नहीं हुआ है। पेयजल सप्लाई की पानी टंकियों पर लगे बाेर्ड पर लिखी सफाई की तारीखें भी गायब हैंं। किसी समय टंकियों के नीचे हर सफाई की तारीख पर उस दिन की तारीख दर्ज कर दी जाती थी, लेकिन सफाई इतने लंबे समय से नहीं हुई है कि पुरानी तारीखें तक धुल गई हैं। ऐसे में टंकियों में काई और गंदगी जमने की आशंका है, बिना टंकी साफ करवाए इस तरह पानी सप्लाई लगातार किया जाना भी हानिकारक हो सकता है।
बारिश के पानी के कारण टंकी में जमा हो सकती है गंदगी : इधर नपा ताप्ती नदी और माचना नदी दोनों से पानी ले रही है। बारिश में नदियों का पानी पहले ही गंदा हो चुका है। इसे जैसे-तैसे फिल्टर करके सीधे टंकियों में डाला जाता है। पानी का मटमेलापन कई बार मिट्टी पूरी तरह साफ नहीं होने के कारण नहीं मिट पाता है। टंकियों में पानी हमेशा भरा रहता है और तली में मिट्टी बैठती रहती है। इस कारण टंकियों की तली में गंदगी जमा होने का खतरा रहता है। ऐसे में इसे साफ करवाना जरूरी है।
शहर में यह हैं 9 पानी की टंकियां, 67 लाख लीटर है क्षमता : शहर में 9 पानी की टंकियां हैं। 10 लाख लीटर क्षमता की सदर बैल बाजार टंकी, 10 लाख लीटर क्षमता की कालापाठा कालीचट्‌टान टंकी, 5 लाख लीटर क्षमता की भुजलिया घाट टंकी, 1 लाख लीटर क्षमता की पुराना बाल मंदिर टंकी, फांसी खदान की 10 लाख लीटर क्षमता की टंकी, सुभाष वार्ड की 10 लाख लीटर क्षमता की टंकी, टिकारी की 1 लाख लीटर क्षमता की टंकी से सप्लाई की जाती है। सदर आईटीआई टंकी की क्षमता 10 लाख लीटर है। इस तरह कुल टंकियों की क्षमता 67 लाख लीटर है। इन बड़ी-बड़ी टंकियों को साफ करने की सुध नहीं ली जा रही है।
पूर्व में होती रही हैं मधुमक्खी काटने और टंकी में गिरने की घटनाएं : पूर्व में लगभग पांच साल पहले टंकी की सफाई होने संबंधी सूचना और पेयजल सप्लाई प्रभावित होने संबंधी सूचना नपा की ओर से सार्वजनिक की जाती थी। इस तारीख को पानी सप्लाई प्रभावित रहेगी यह सूचना जारी होती थी । काली चट्टान टंकी की सफाई के दौरान पांच साल पहले कुछ कर्मचारियों को मधुमक्खी के काटने और गिरने से चोटें आने जैसे मामले भी सामने आए थे।

टंकियों के नीचे लिखी जाती थी सफाई की तारीखें
किसी समय शहर की पानी टंकियों पर इनकी सफाई की तारीखें लिखी जाती थी। जिससे कि पता रहे कि टंकी की सफाई कब की है। इस तारीख के हिसाब से ही अगली सफाई की जा सके। लेकिन टंकियों की सफाई लंबे अरसे से नहीं की जा रही है। जिसके कारण टंकियों के नीचे सफाई की तारीखें भी मिट गई है हैं।

टंकियों की सफाई नहीं होती तो तारीख किस तरह लिखेंगे
पूर्व जल समिति सभापति शैलेश्वरराव गायकवाड़ ने बताया कि नपा शहर की टंकियों की पानी सफाई के प्रति जागरुक नहीं है। टंकियों की सफाई नियमित नहीं होने के कारण ही टंकी के नीचे सफाई की तारीख नहीं लिखी जा रही है। टंकियों की सफाई करवाकर इनके नीचे तारीख लिखना चाहिए।
सफाई काे लेकर पड़ताल करवाएंगे

^टंकियों की सफाई हुई है कि नहीं इसकी पड़ताल करवाई जाएगी। वैसे होता तो यही है कि टंकी सफाई करवाकर टंकी के नीचे तारीख लिखी जाती है, लेकिन हो सकता है सफाई तारीख किसी वजह से नहीं लिखी हो। यदि सफाई नहीं होना पाया जाता है तो टंकियों की सफाई एक से दो सप्ताह के भीतर करवाई जाएगी।
- अक्षत बुंदेला, सीएमओ, नगर पालिका बैतूल



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9 water tanks have not been cleaned since six months, there is a possibility of accumulation of dirt and moss


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