खाने का तेल लगातार महंगा हो रहा है। बुधवार को थोक में
इसके दाम 105 रुपए प्रतिकिलो पर पहुंच गए। इसका असर फुटकर दाम पर हुआ है और दाम 110 रुपए प्रतिकिलो पहुंच गए हैं। पहली बार तेल इस भाव पर
बिक रहा है। कारोबारियों के मुताबिक आगे भी दाम में तेजी बनी रहेगी। तेल के दाम में एक महीने दस फीसदी की तेजी आई है। एक महीने पहले तेल के भाव 100 रुपए प्रतिकिलो थे। वहीं अब भाव 110 रुपए प्रतिकिलो पहुंच गए हैं। त्योहार के बीच तेल के दाम में लगातार तेजी से लोगों के किचन का बजट गड़बड़ा रहा है और उन्हें ज्यादा दाम चुकाना पड़ रहे हैं।
थोक किराना व्यापारी संघ के सचिव संजय पारख ने बताया अंतरराष्ट्रीय स्तर में तेजी और डिमांड ज्यादा होने से तेल के भाव में तेजी और लगातार भाव बढ़ रहे हैं। इससे खाने का तेल लगातार महंगा हो रहा है। आगे कुछ दिनों तक यह तेजी बनी रह सकती है।
हमारे शहर में रोजाना 30 टन तेल की खपत
- शहर में रोजाना खाने के तेल की 30 टन की खपत है।
- 20 थोक विक्रेता और 3000 बिक्री काउंटर है।
- पिछले साल इस समय तेल के भाव 95 रुपए प्रति किलो थे।
- त्योहार के चलते 5 खपत में पांच टन का इजाफा हो गया है।
कारोबारियों के मुताबिक इसलिए बढ़ रहे हैं दाम
- त्योहार के चलते तेल की डिमांड निकलना।
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल के दाम बढ़ना।
- सोयाबीन का उत्पादन कम होना।
- नए कृषि अधिनियम में खाने के तेल को आवश्यक वस्तु से बाहर करना।
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