ट्रेन में बैठकर दूसरे शहरों में ज्वैलरी सप्लाई करने के लिए जाने वाले ज्वेलर्स की रैकी कर अंतर्राज्यीय गिरोह चोरी करता था। महाराष्ट्र के इस गिरोह के संतोष मोरे (40), बापू मोरे (45) संजय उर्फ संजू जाधव (30), संजय उर्फ बबलू दगड़े (25), गोरख जाधव (51)और एक महिला को रेल पुलिस ने पकड़ा है।
जबकि गिरोह के 10 साथी अभी भी फरार हैं। पकड़े गए आरोपियों से एक स्कॉर्पियो कार, बिना नंबर प्लेट की एक क्रूजर, नगदी, तीन सोने की चेन और एक जोड़े कान की रिंग बरामद हुई है। माल की कुल कीमत 17.63 लाख रुपए आंकी गई है।
ग्वालियर के सराफा कारोबारी चंदन विज्जन का एमपी संपर्क क्रांति से दो सूटकेस पार करने की बात आरोपियों ने पुलिस पूछताछ मंे कबूली है। चंदन विज्जन ने 27 मई को जीआरपी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके दो सूटकेस जिन्हें सीट से चेन के माध्यम से बांध रखा था, को चोरों ने पार कर दिया। इसमेंे 1 किलो 116 ग्राम की एक करोड़ रुपए से अधिक कीमत की ज्वेलरी थी। जीआरपी के अफसर डेढ़ साल से इस चोरी का राज खोलने का प्रयास कर रहे थे।
इस तरह से पकड़े गए गिरोह के सदस्य
जीआरपी के सब-इंस्पेक्टर रामसिया भिंडिया ने बताया कि 3 अक्टूबर को लालू ओझा ग्वालियर स्टेशन पर टिकट बुक कराने आया था, तभी एक चोर यात्री का पेंट से पर्स छीनकर भागने लगा, जिसे जीआरपी ने पकड़ लिया। थाने में आरोपी ने अपना नाम गोरख जाधव पिता साहेवराव जाधव और निवास ग्राम निम्बोरे जिला सोलापुर, महाराष्ट्र बताया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके और भी साथी हैं, जो महाराष्ट्र के रहने वाले हैं और ट्रेनों में चोरी को अंजाम देते हैं। वह चोरी करने के लिए स्कॉर्पियो और क्रूजर गाड़ी से आते थे और ट्रेन में लूट-चोरी की वारदात को अंजाम देकर लूटा गया माल अपने साथियों को दे देते, जिसे लेकर वह फरार हो जाते थे। वहीं इस मामले में 10 आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
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