प्याज की जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश राज्य सरकार ने दिए। इस पर कलेक्टर गोपालचंद्र डाड ने जिले के सभी एसडीएम को अपने क्षेत्र में प्याज के जमाखोरों के विरुद्ध सतत निरीक्षण करने और छापों के माध्यम से नियमित जांच करने और अनियमितता पाए जाने पर वैधानिक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने जारी आदेश में कहा है कि सरकारी प्याज की खरीदी के आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए प्याज के थोक एवं फुटकर व्यापारियों को सूचीबद्ध किया जाए। वहीं प्याज व्यापारियों की बैठक लेकर उन्हें आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 तथा चोर बाजारी निवारण एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1980 तथा मध्यप्रदेश प्याज व्यापारी स्टाक सीमा तथा जमाखोरी पर निर्बधन आदेश 2020 के वैज्ञानिक प्रावधानों से अवगत कराएं। वहीं जनता को जागरूक किया जाए। खाद्य, मंडी, राजस्व, कृषि, उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों का संयुक्त जांच दल गठित कर प्याज के थोक एवं फुटकर व्यापारियों की जांच की जाए।
थोक मंडी में 35 रुपए प्रतिकिलो बिका प्याज
राज्य सरकार ने प्याज के थोक व्यापारियों के लिए अधिकतम स्टॉक सीमा 250 क्विंटल तथा फुटकर व्यापारियों के लिए अधिकतम स्टॉक सीमा 20 क्विंटल की है। आदेश के बाद से ही प्याज के दाम तेजी से नीचे आ रहे हैं। शनिवार को थोक मंडी में प्याज 35 रुपए प्रतिकिलो बिका। जबकि 15 दिन पहले प्याज के भाव 67 रुपए प्रतिकिलो पहुंच गए थे। केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा प्याज पर लिमिट लगाने से अब तेजी से भाव गिर रहे हैं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3k4MjNb
No comments:
Post a Comment