ग्रामीण क्षेत्र में पदस्थ पटवारी अक्सर तहसीलों से गायब रहते हैं इसलिए अब वे सप्ताह के प्रत्येक सोमवार व गुरुवार मुख्यालय पर बैठेंगे ताकि ग्रामीणों को अपने राजस्व संबंधी कामकाज के लिए उनके पीछे-पीछे न घूमना पड़े। साथ ही प्राकृतिक आपदा जैसे ओलावृष्टि, अल्पवृष्टि या अतिवृष्टि से फसलों में नुकसान होने पर उसका सर्वे ऑटोमेटिक मशीनों से होगा। यह बात प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से ऑनलाइन संवाद करते हुए कही। मुरैना जिला मुख्यालय का आयोजन स्थानीय टाउन हॉल में किया गया था।
जिले में में दुग्ध उत्पादन और मछली पालन करने वालों को भी क्रेडिट कार्ड देने का फैसला लिया गया है। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने के लिए उत्पादक गतिविधियों के साथ ही लोकल उत्पादों को वोकल बनाकर बाजार उपलब्ध कराया जाएगा।
5 किसानों को सम्मान निधि के 2-2 हजार के चेक दिए
मुख्यमंत्री की ऑनलाइन उपस्थिति में पूर्वमंत्री गिर्राज डंडौतिया व कलेक्टर अनुराग वर्मा ने जिले के पांच किसानों छविराम, हरिओम, कल्याण सिंह, लोकेंद्र सिहं व रामबरन को 2-2 हजार रुपए के चेक के सिंबल भेंट किए। सीएम किसान सम्मान निधि की यह राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंच जाएगी। यहां बता दें कि सीएम किसान सम्मान निधि के 4 हजार की राशि दो किस्तों में दो-दो हजार के रूप में किसानों के खाते में पहुंचेगी। जिले में 1 लाख 90 हजार 816 किसानों में से 1 लाख 45 हजार 841 किसानों का वेरिफिकेशन हो चुका है। प्रथम किस्त के रूप में आज 2-2 हजार की राशि किसानों के खाते में एक क्लिक से पहुंची। दूसरी किस्त 31 मार्च तक दी जाएगी।
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