कोरोना संक्रमण को देखते हुए शहर में 25 मार्च से लाॅकडाउन लागू कर दिया था। बाजार बंद होने से पथ कर विक्रेताओं का व्यवसाय बंद हो गया था। लॉकडाउन की अवधि में कोई व्यवसाय नहीं होने से उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। परिवार का संचालन भी गड़बड़ा गया। ऐसे लोगों की आजीविका को पटरी पर लाने के लिए शासन की ओर से पथ कर विक्रेताओं को अपना व्यवसाय फिर से शुरू करने की कवायद की जा रही है। इसी सिलसिले में नगर पालिका में किराना सामान, मसाले, सब्जी, जूते-चप्पल व अन्य सामान बेचने वाले पथकर का पंजीयन चल रहा है। एमपी ऑनलाइन पंजीयन की तारीख 25 जून आखिरी थी, लेकिन लगातार हो रहे पंजीयन को देखते हुए शासन के आदेश के चलते अब नगर पालिका में आगामी आदेश तक पंजीयन होता रहेगा। सामुदायिक संगठक अनिता चावला ने बताया कि शहर में 1130 पथकर विक्रेताओं का पंजीयन गुरुवार तक हो गया है।
10 हजार मिलेगी अनुदान राशि
नगर पालिका सीएमओ कुलदीप किंशुक के अनुसार शासन की ओर से पात्र पाए पथ विक्रेताओं को 10 हजार रुपए दिए जाएंगे। उन्हें वेरिफिकेशन के बाद डिजिटल हस्ताक्षर वाला प्रमाण पत्र मिलेगा। यह वेंडर प्रमाण पत्र बैंक में बताना होगा। यह कार्यशील पूंजी ऋण है। भारत सरकार द्वारा 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान सहायता और मध्यप्रदेश शासन द्वारा 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान सहायता दी जाएगी। कोविड-19 महामारी प्रभावित व्यवसायियों को फिर रोजगार से जोड़ने और स्थाई आजीविका के साधन उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार की पीएम स्ट्रीट वेंडर योजना है।
यह मिलेगा लाभ
यह बिना धरोहर राशि का ऋण है। इस ऋण भुगतान में कोई पेनल्टी देय नहीं होगी। डिजिटल पेमेंट पर कैश बैक का प्रावधान है। ऋण अवधि एक साल रहेगी। त्रैमासिक ब्याज अनुदान मिलेगा।
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