बारिश की अनिश्चितता ने सब्जियों के भाव बढ़ा दिए हैं। सावन में पानी बरसने की बजाए धूप खिलने से कई खेतों में पौधे सूख गए थे। एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश से खेतों में जितने पौधे बचे थे, वह भी सड़ने लगे। इसके चलते बाजार में आवक कम हो गई। इसलिए महाराष्ट्र से यहां महंगी सब्जियां आ रही हैं। इधर आगरा से आ रहे आलू के भाव भी बढ़े हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार उत्पादन कम हुआ इसलिए महंगा है।
सब्जी के थोक विक्रेता संजय गुप्ता ने बताया बारिश से जिले में सब्जियों का उत्पादन प्रभावित हुआ है। टमाटर व करेला नासिक से आ रहा है। थोक में ही महंगा है। 40 से 45 रुपए किलो तक मंडी में इसका भाव है। कुछ दिन पहले भिंडी पांच-सात रुपए किलो तक थी, अब 35 से 45 रुपए किलो बिक रही है। आलू आगरा से आ रहा है। थोक भाव ही 30 रुपए तक है। इसलिए मंडी में 35 रुपए किलो तक बिक रहा है।
अब गिलकी, करेला और लौकी के पौधे सड़ गए
कोलाडिट आंवलिया के सब्जी उत्पादक किसान मनोज कुमावत ने बताया सावन में तेज धूप से पौधे सूख गए थे। टमाटर के पौधे बढ़ नहीं पाए। करेला, गिलकी और लौकी के पौधे पीले हो गए थे। अब सतत बारिश होने के कारण सड़ गए हैं। इसी तरह हरा धनिया भी खेतों में पानी भरने से सड़ गया है।
आसपास के कई गांवों से आती हैं सब्जियां
थोक विक्रेता मो. हबीब ने बताया मंडी में गोभी, करेला, गिलकी सहित अन्य सब्जियां आसपास के गांवों से आती हैं। पांजरिया, बावड़िया, बड़गांव माली, सतवाड़ा सहित अन्य गांवों से आती हैं। बारिश की अनियमितता के कारण सब्जियों के पौधे खराब हो गए।
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