दीपावली से पहले बाजार सजकर तैयार हो गए हैं। शनिवार को पुष्य नक्षत्र के शुभ मुहूर्त में लोगों ने सोना-चांदी और हीरे के आभूषणों के साथ कपड़े, हाेम अप्लायसेंस, इलेक्ट्राेनिक्स और बर्तन की खरीदारी की। सराफा बाजार रात 10 बजे तक खुला रहा। रविवार को भी पुष्य नक्षत्र रहेगा।
गहनों की बनवाई के साथ हर खरीद पर छूट दी जा रही है। इसे देखते हुए बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। सराफा कारोबारियों ने इस बार लोगों की मांग के हिसाब से ही कम वजन वाले फैशनेबल गहने अधिक मंगाए हैं। इस समय शुद्ध सोने की कीमत 53,500 और जेवराती की कीमत 51,000(91.60 फीसदी) रुपए प्रति दस ग्राम है। उधर, कपड़े, होम अप्लायसेंस और इलेक्ट्राेनिक्स कारोबारी भी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कई तरह के ऑफर दे रहे हैं।
कारोबारियों ने बजट के हिसाब से मंगाए गहने
- सोने के गहने: इस दीपावली के लिए बजट के हिसाब से 3 से 20 ग्राम में कम वजनी सोने के गहने मंगाए हैं। गहनों में 22 कैरेट की शुद्धता बीअाईएस हॉलमार्क के साथ दी जा रही है। इनमें पैटर्न-टर्किश, इटेलियन, केरला, दिल्ली, कलकत्ता, राजपूताना, जूनागढ़ी आिद हैं।
- हीरे के आभूषण: 14 और 18 कैरेट शुद्धता वाले आभूषण उपलब्ध हैं। 6 हजार रुपए की कीमत के कम वजनी गहने भी कारोबारियों ने मंगाए हैं।
- चांदी के गहने: इन गहनों में पायल, बिछिया में 92.5% शुद्धता दी जा रही है। लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, बर्तनों में 100% तक शुद्धता दी जा रही है।
सोने और हीरे के आभूषणों पर कई ऑफर
लोगों के बजट के हिसाब से सोना-चांदी और हीरे के गहने मंगवाए गए हैं। सोने के गहनों की बनवाई पर छूट के अलावा अलग-अलग ऑफर रखे गए हैं।
अखिलेश गोयल, सुवर्णा ज्वेल्स
गहनों की बनवाई पर छूट के अलावा एक सीमा के बाद खरीदारी करने पर सोने का सिक्का मुफ्त दिया जा रहा है।
वरदान मित्तल, स्वर्ण सरोवर
ग्राहकों की जरूरत को पूरा करने के साथ सोने के आभूषणों की बनवाई पर और हीरे की कीमत पर 25% तक की छूट दी जा रही है।
अर्पित मूंदड़ा, तनिष्क
पुष्य नक्षत्र पर आभूषणों की खरीदारी में लोगों की रुचि देखी गई। लोग हल्के आभूषण अधिक पसंद कर रहे हैं।
अजय मंगल, गहना ज्वेलर्स
एक दिन में दो त्योहार होने से 4 दिन का होगा दीपाेत्सव
धनतेरस 13 को, क्योंकि प्रदोष व्यापिनी त्रयोदशी इसी दिन
दीपोत्सव की शुरूआत धनतेरस से होगी। इस बार धनतेरस 12 नवंबर को रात 9.30 बजे से शुरू होगी लेकिन प्रदोषकाल में धनतेरस की तिथि 13 नवंबर को रहेगी इसलिए अंचल में ज्यादातर स्थानों पर धनतेरस इसी दिन मनाई जाएगी। इस कारण 5 दिन का दीपोत्सव इस बार 4 दिन का ही होगा। सनातन धर्म मंदिर में धनतेरस 13 को मनेगी।
ज्योतिषाचार्य एकमत... धनतेरस 13 को शास्त्र सम्मत
12 नवंबर गुरुवार के दिन द्वादशी तिथि रात्रि 9.30 बजे तक रहेगी। इसके उपरांत त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ हो जाएगा, जो 13 नवंबर शुक्रवार सायं 5.59 बजे तक रहेगी। इन दोनों दिनों में अंचल में प्रदोष बेला का समय सायं 5.23 से 8.02 मिनट तक रहेगा। शास्त्रों में व्यवस्था है कि धनतेरस का पर्व प्रदोष व्यापिनी त्रयोदशी में मनाना चाहिए। इस हिसाब से 12 नवंबर को अंचल में त्रयोदशी तिथि प्रदोष व्यापिनी नहीं है। 13 नवंबर को त्रयोदशी तिथि प्रदोष बेला के प्रारंभ होने के बाद 36 मिनट तक रहने से यह एक घड़ी से भी ज्यादा प्रदोष काल को व्याप्त कर रही है। अत: धनतेरस का पर्व 13 नवंबर शुक्रवार को मनाना ही शास्त्र सम्मत होगा। छोटी दीपावली तथा महालक्ष्मी पूजन 14 नवंबर को रहेगा। - पं. विजय भूषण वेदार्थी, पं. नितिन तिवारी, डॉ. एचसी जैन, पं. पंकज कृष्ण शास्त्री
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