भोपाल .अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (एम्स) में नर्स के पद पर नौकरी का झांसा आर्टिफिशियल विज्ञापन दिखाकर दिया जाता था। विज्ञापन की फोटो कॉपी दिखाकर दिलशाद और आलोक बामने नर्सिंग कर चुकी युवतियों को झांसे में लेते थे। एसटीएफ की गिरफ्त में दोनों ने अब तक 54 युवतियों से रकम हड़पना कबूला है। आरोपी खुद को दिल्ली एम्स डायरेक्टर का करीबी बताकर नौकरी का झांसा देते थे।
एसटीएफ एसपी राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पांच दिन की रिमांड पर लिया है। टीम ने दिलशाद के बागसेवनिया स्थित मकान पर सर्चिंग की। यहां से टीम ने दो बैग भरकर दस्तावेज जब्त किए हैं। इनमें एम्स में भर्ती के लिए भरे गए 16 फॉर्म भी शामिल हैं।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि युवतियों को झांसे में लेने के लिए उन्होंने आर्टिफिशियल विज्ञापन जारी कर दिए थे। आरोपियों में से एक की पत्नी जबलपुर में निजी अस्पताल संचालित करती है, जबकि दूसरे की पत्नी शासकीय कन्या छात्रावास की अधीक्षिका है।
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