शहर में वाहन चोरों की गैंग फिर से सक्रिय हो गई है। त्योहार की भीड़ बढ़ते ही वाहन चोरी की घटनाएं बढ़ गई हैं। पिछले सात दिन में वाहन चोरी की 33 घटनाएं हुई हैं। जेएएच और इंदरगंज चौराहे पर बनी पार्किंग हॉट स्पॉट है। यहां से सबसे ज्यादा 8 गाड़ियां एक सप्ताह में चोरी हुई हैं।
शहर में लगातार चोरी की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन वाहन चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस अफसरों ने न तो कोई प्लानिंग की है और न ही चौराहों पर चेकिंग में कोई कसावट नजर आ रही है। पुलिस सिर्फ एफआईआर करने तक सीमित है।
चोरों तक नहीं पहुंची पुलिस
- शहर के अलग-अलग इलाकों से 7 दिन में 33 गाड़ियां चोरी गई हैं। इनमें से आठ गाड़ियां जेएएच परिसर और इंदरगंज चौराहे से चोरी गई हैं। 5 गाड़ी जेएएच परिसर से चोरी हुई हैं।
- 33 में से 2 गाड़ी महाराज बाड़े की बैंक के बाहर से चोरी गईं, जबकि 4 गाड़ी पड़ाव इलाके के हॉस्पिटल और बैंक के बाहर से चोरी गईं।
- इन मामलों में पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की। लेकिन लापरवाही के चलते किसी भी घटना में चोर तक पुलिस नहीं पहुंच पाई।
न चेकिंग में कसावट न पड़ताल में रुचि
पुलिस वाहन चोरी को सामान्य घटना मानती है। वाहन चोरों को रोकने के लिए न तो कड़ी चेकिंग की जा रही है, न ही पड़ताल में ही जांच अधिकारी रुचि लेते हैं। इस वजह से चोर नहीं पकड़े जाते। पहले पुलिस शहर की पार्किंग में जांच करती थी। इस दौरान कई जगह चोरी की गाड़ियां मिलती थी। साथ ही कबाड़े का सामान बेचने वालों के गोदाम पर भी जांच की जाती थी।
जहां चोरी की घटनाएं बढ़ीं, वहां गश्त बढ़ाएंगे
वाहन चोरी करने वालों तक पहुंचने के लिए चौराहों पर चेकिंग करने वाले स्टाफ को निर्देशित किया गया है कि वह व्हीकल डिटेक्शन पोर्टल का उपयोग करें। हर वाहन की जांच की जाए। जिससे चोरी के वाहन पकड़े जाएं। जहां चोरी की घटनाएं अधिक हो रही हैं, वहां गश्त भी बढ़वाई जाएगी।
-अमित सांघी, एसपी
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